कहते हैं युवा देश के कर्णधार होते हैं, लेकिन राजनीति में यह उक्ति सटीक नहीं बैठती, क्योंकि हमारी राजनीति में वंशवाद का अच्छाखासा बोलबाला है. आम आदमी के लिए इस में प्रवेश पाना काफी मुश्किल काम है.