सरस सलिल विशेष

सौजन्य- मनोहर कहानियां

विनोद ने कहा, ‘‘नहीं, मैं ने कुछ नहीं किया. मुझे झूठे जाल में फंसाया जा रहा है.’’

उस के बाद विधायक ने होशंगाबाद थानाप्रभारी संतोष सिंह चौहान को फोन कर के इस मामले की जांच करने को कहा. विधायक और पुलिस की समझाइश से मामला रफादफा हो गया .

सुनीता ठाकुर होशंगाबाद शहर में खुलेआम लोगों को हनीट्रैप के खेल में फंसा कर रुपयों की वसूली कर रही थी. उस ने अपने इस काम में कोतवाली पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों को भी शामिल कर लिया था.

पिछले 4-5 महीने से चल रहे इस खेल में हर बार किसी नए युवक को सुनीता शहर के आलीशान होटल या रूम पर ले जाती. युवकों के साथ अंतरंग संबंधों के वीडियो और फोटो सुनीता खुद बनाती थी. इस के बाद वह मोबाइल फोन के जरिए मैसेज कर पुलिस को बुला लेती और युवकों को ब्लैकमेल करती थी.

यह गैंग आधा दरजन लोगों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए की वसूली कर चुका था. ज्यादातर पीडि़त युवक इटारसी, होशंगाबाद, आंवलीघाट के रहने वाले थे.

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वीडियो से हुई ब्लैकमेलिंग

सुनीता ने अपना सातवां शिकार बनाया सलकनपुर के सुशील मालवीय को. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के विधानसभा क्षेत्र के गांव सलकनपुर का सुशील मालवीय किराना दुकान चलाता था. सोशल मीडिया के जरिए सुनीता ने सुशील का नंबर ले कर उस से नजदीकियां बढ़ाई थीं.

लौकडाउन के पहले अप्रैल महीने के शुरू में सुशील नई बाइक खरीदने होशंगाबाद गया था. सुनीता को जब पता चला कि सुशील होशंगाबाद आया है तो उस ने फोन कर के शहर के नर्मदा नदी के पास एक होटल में उसे मिलने बुला लिया.

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