शहरों में जगह की किल्लत है पर इतनी भी नहीं कि बाहर पटरियों पर हलका सा शेड और हवा का इंतजाम कर बैठने की जगह न बनाई जा सके.

अनलिमिटेड कहानियां आर्टिकल पढ़ने के लिए आज ही सब्सक्राइब करेंSubscribe Now