सरस सलिल विशेष

प्रधानमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि 21वीं सदी का नया भारत आज सर्वश्रेष्ठ आधुनिक बुनियादी ढांचे में से एक का निर्माण कर रहा है. बेहतर सड़कें, बेहतर रेल नेटवर्क, बेहतर एयरपोर्ट सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स नहीं होते बल्कि यह पूरे क्षेत्र का कायाकल्प कर देते हैं, लोगों का जीवन पूरी तरह से बदल देते हैं. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की ताकत और बढ़ जाती है जब उनके साथ सीमलेस कनेक्टिविटी हो, लास्ट माइल कनेक्टिविटी हो. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट कनेक्टिविटी की दृष्टि से भी एक बेहतरीन मॉडल बनेगा. यहाँ आने जाने के लिए टैक्सी से लेकर मेट्रो और रेल तक, हर तरह की कनेक्टिविटी होगी. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट उत्तरी भारत का लॉजिस्टिक्स गेट-वे बनेगा. यह इस पूरे क्षेत्र को नेशनल गतिशक्ति मास्टरप्लान का एक सशक्त प्रतिबिम्ब बनाएगा.

प्रधानमंत्री जी ने नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के भूमि पूजन के लिए देश व प्रदेश के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि इसका बहुत बड़ा लाभ दिल्ली-एन0सी0आर0 और पश्चिमी यूपी के करोड़ों लोगों को होगा. उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे के निर्माण के दौरान रोजगार के हजारों अवसर बनते हैं. हवाई अड्डे को सुचारु रूप से चलाने के लिए भी हजारों लोगों की आवश्यकता होती है. यह हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हजारों लोगों को नए रोजगार भी देगा.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र में एक प्रमुख भूमिका निभाएगा और विमानों के रखरखाव, मरम्मत और संचालन का एक प्रमुख केन्द्र होगा. यहां मरम्मत, रखरखाव और ओवरहॉल के लिए 40 एकड़ में एम0आर0ओ0 (मेंटेनेंस, रिपेयर एण्ड ओवरहॉल) प्रतिष्ठान का निर्माण किया जा रहा है. देश मंे एम0आर0ओ0 सेवाओं की उपलब्धता से, विदेशांे से इन सेवाओं को प्राप्त करने में व्यय होने वाले हजारों करोड़ रुपये की बचत होगी.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इस एयरपोर्ट के माध्यम से पहली बार देश में इंटीग्रेटेड मल्टी मोडल कार्गाे हब की कल्पना भी साकार हो रही है. इससे इस पूरे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि जिन राज्यों की सीमा समुद्र से सटी होती है, उनके लिए बंदरगाह बहुत बड़े एसेट होते हैं. विकास के लिए एक बड़ी ताकत के रूप में कार्य करते हैं. उत्तर प्रदेश जैसे लैण्ड-लॉक्ड राज्यों के लिए एयरपोर्ट यही भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, आगरा, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली जैसे अनेकों औद्योगिक क्षेत्र हैं. सर्विस सेक्टर का बड़ा ईकोसिस्टम भी है और एग्रीकल्चर सेक्टर में भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अहम हिस्सेदारी है. अब इन क्षेत्रों का सामर्थ्य भी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सपोर्ट के एक बहुत बड़े केंद्र को अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों से सीधे जोड़ेगा. अब यहां के किसान, विशेषकर छोटे किसान, फल-सब्ज़ी, मछली जैसे जल्दी खराब होने वाली उपज को सीधे एक्सपोर्ट कर पाएंगे. खुर्जा के कलाकार, मेरठ की स्पोर्ट्स इण्डस्ट्री, सहारनपुर का फर्नीचर, मुरादाबाद का पीतल उद्योग, आगरा का फुटवीयर और पेठा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक एम0एस0एम0ई0 को विदेशी मार्केट तक पहुंचने में अब और आसानी होगी.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आजादी के सात दशक बाद, पहली बार उत्तर प्रदेश को वह मिलना शुरु हुआ है, जिसका वो हमेशा से हकदार रहा है. डबल इंजन की सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश देश के सबसे कनेक्टेड क्षेत्र में परिवर्तित हो रहा है. यहां पश्चिमी यूपी में भी लाखों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम चल रहा है. रैपिड रेल कॉरिडोर हो, एक्सप्रेस-वे हो, मेट्रो कनेक्टिविटी हो, पूर्वी और पश्चिमी समुद्र से उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर हों, यह आधुनिक होते उत्तर प्रदेश की नई पहचान बन रहे हैं.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय छाप छोड़ रहा है. आज उत्तर प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के मेडिकल संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हाई-वे, एक्सप्रेस-वे बन रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर की रेल कनेक्टिविटी तैयार हो रही है. आज उत्तर प्रदेश मल्टीनेशनल कंपनियों के निवेश का सेंटर है. आज देश और दुनिया के निवेशक कहते हैं- उत्तर प्रदेश यानि उत्तम सुविधा, निरंतर निवेश. आने वाले 02-03 वर्षांे में जब यह एयरपोर्ट काम करना शुरु करेगा, तब उत्तर प्रदेश 05 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य बन जाएगा.

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर हमारे लिए राजनीति का नहीं बल्कि राष्ट्रनीति का हिस्सा है. भारत का उज्ज्वल भविष्य एक जिम्मेदारी है.

इसलिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि तय समय के भीतर ही इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा किया जाए. देरी होने पर जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है. हम राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलते हैं. सबका साथ-सबका विकास, सबका विश्वास-सबका प्रयास, यही हमारा मंत्र है. कुछ समय पहले ही भारत ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज से कठिन पड़ाव को पार किया है. इसी महीने की शुरुआत में भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो के लक्ष्य का ऐलान किया. कुछ समय पहले ही कुशीनगर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट का लोकार्पण किया गया. उत्तर प्रदेश में ही एक साथ 09 मेडिकल कॉलेज की शुरुआत करके देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया. महोबा में नए डैम और सिंचाई परियाजनाओं का लोकार्पण हुआ तो झांसी में डिफेंस कॉरिडोर के काम ने गति पकड़ी, पिछले हफ्ते ही पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश वासियों को समर्पित किया गया. आज नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भूमिपूजन हुआ है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2014 से देश के लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में बदलते हुए भारत, ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार होते हुए देखा है. प्रधानमंत्री जी ने कुशल प्रबन्धन के माध्यम से वैश्विक महामारी कोरोना से देशवासियों के जीवन और जीविका की रक्षा की. प्रधानमंत्री जी द्वारा आज यहां नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास किया जा रहा है. इसके माध्यम से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए आए हैं.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन मंे उत्तर प्रदेश निरन्तर विकास के नये आयाम स्थापित कर रहा है. प्रदेश सरकार ने विगत साढ़े चार वर्षाें में विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से राज्य के सम्बन्ध में पर्सेप्शन को बदला है. प्रदेश में आस्था को सम्मान दिया गया. वर्तमान उत्तर प्रदेश विकास की राह पर आगे बढ़ने वाला प्रदेश है. उन्होंने नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के विकास के लिए स्वेच्छा से भूमि उपलब्ध कराने वाले किसानों को बधाई दी.

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत साढ़े चार वर्ष में जनपद गौतमबुद्धनगर में अनेक परियोजनाओं पर कार्य हुआ है. 1125 करोड़ रुपये की लागत से मेट्रो लाइन का विस्तारीकरण तथा 1067 करोड़ रुपये की लागत से एलीवेटेड रोड के निर्माण का कार्य कराया गया. मेडिकल पार्क, इण्डोर स्टेडियम, शिल्पकार एवं बुनकर भवन, नया सिटी बस टर्मिनल, हैबिटेट सेन्टर की स्थापना करायी गयी. ग्रेटर नोएडा में 800 करोड़ रुपये की लागत से गंगा जल की आपूर्ति, 08 नये औद्योगिक सेक्टरों का विकास, 3880 करोड़ रुपये की लागत से मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब एवं मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब का कार्य कराया जा रहा है. साथ ही, आने वाले समय में यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण में फिल्म सिटी, एपैरल पार्क, ट्वाय पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क, हैण्डीक्राप्ट पार्क, लॉजिस्टिक पार्क, हेरिटेज सिटी आदि विभिन्न योजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी. इन योजनाओं के माध्यम से इस क्षेत्र में लाखों की संख्या में रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे.

केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम0 सिंधिया ने कहा कि उत्तर प्रदेश में औद्योगिक एवं पर्यटन विकास की असीम क्षमता है. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुरूप नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के रूप में यहां एशिया का सबसे बड़ा हवाई अड्डा बनया जा रहा है. वर्ष 2024 तक इसका पहला चरण पूरा होगा. इस पर 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा. इससे 01 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे तथा 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा. उत्तर प्रदेश 21 एयरपोर्ट के साथ 05 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य है. आजादी के बाद 70 वर्षाें मंे देश में कुल 74 एयरपोर्ट बने. प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विगत 07 वर्षाेे में 62 अतिरिक्त एयरपोर्ट बनाए गये. देश में इनकी कुल संख्या बढ़कर 136 हो गयी है.

कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सुशासन की नई मिसाल प्रस्तुत कर रहा है. प्रदेश में राजकीय सेवाओं में युवाओं का पूरी निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ बिना भेदभाव के नियोजित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन मंे प्रदेश में उड़ान योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है. वर्ष 2017 से पहले राज्य में केवल 02 एयरपोर्ट संचालित थे. वहीं अब 09 हवाई अड्डे संचालित हैं. 08 एयरपोर्ट बनकर लगभग तैयार हैं. 04 एयरपोर्ट पर तेजी से कार्य हो रहा है.

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