कहानी

दूसरे दिन से मैं बिट्टी के विषय में चौकन्नी हो गई. प्रभाकर का फोन आते ही मैं सतर्क हो जाती.बिट्टी का उस से बात करने का ढंग व चहकना देखती.

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